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CBI की संयुक्त कार्रवाई: अजरबैजान से भारत लाया गया कुख्यात अपराधी सुनील कुमार

Shantanu Roy
23 Aug 2025 9:23 PM IST
CBI की संयुक्त कार्रवाई: अजरबैजान से भारत लाया गया कुख्यात अपराधी सुनील कुमार
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बड़ी खबर
Jharkhand. झारखंड। झारखंड पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहा कुख्यात अपराधी सुनील कुमार आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। सीबीआई और इंटरपोल की मदद से उसे अजरबैजान की राजधानी बाकू से भारत प्रत्यर्पित कर लाया गया। झारखंड पुलिस की तीन सदस्यीय विशेष टीम उसे लेकर 23 अगस्त को मुंबई एयरपोर्ट पहुंची। सुनील कुमार पर अलग-अलग राज्यों में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर था।
इंटरपोल ने जारी किया था रेड नोटिस
सीबीआई की इंटरनेशनल पुलिस कोऑपरेशन यूनिट (IPCU) ने इस पूरे अभियान में अहम भूमिका निभाई। सूत्रों के अनुसार, IPCU ने एनसीबी-बाकू (अजरबैजान) के साथ मिलकर सुनील की लोकेशन ट्रेस की। 10 अक्टूबर 2024 को इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया गया। इसके बाद जनवरी 2025 में भारत सरकार ने अजरबैजान को औपचारिक रूप से एक्स्ट्राडिशन रिक्वेस्ट भेजी। करीब सात महीने की लंबी प्रक्रिया के बाद आखिरकार अजरबैजान सरकार ने सुनील कुमार को भारत सौंप दिया। यह प्रत्यर्पण कार्रवाई भारत की उन लगातार कोशिशों का हिस्सा है जिसके तहत 100 से ज्यादा वांटेड अपराधियों को बीते कुछ वर्षों में विदेश से वापस लाया गया है।
टीम ने बाकू से लाकर सौंपा पुलिस को
झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 19 अगस्त को तीन सदस्यीय टीम बाकू रवाना हुई थी। 23 अगस्त की सुबह टीम सुनील कुमार को लेकर मुंबई एयरपोर्ट पहुंची। वहां से उसे कड़ी सुरक्षा के बीच झारखंड लाया जाएगा और कोर्ट में पेश किया जाएगा। सुनील कुमार के खिलाफ रामगढ़ जिले के भदानीनगर थाना क्षेत्र में एक गंभीर मामला दर्ज है। एफआईआर के मुताबिक, उसने व्हाट्सऐप पर धमकी भरे संदेश भेजकर कोयला कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और रेलवे कॉन्ट्रैक्टर्स से भारी वसूली की धमकी दी थी। इस संबंध में कई पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की थी।
अमन साहू गैंग से जुड़ा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सुनील कुमार का सीधा संबंध कुख्यात अपराधी अमन साहू गैंग से है। उसने लंबे समय तक अपना असली नाम छिपाकर नकली पहचान “मयंक सिंह” का इस्तेमाल किया। इसी नाम से वह विदेश में रह रहा था और वहीं से भारत के कारोबारियों को धमकी संदेश भेजता था। बताया जा रहा है कि वह गैंग के लिए वसूली के साथ-साथ लेन-देन की व्यवस्था भी देखता था। सुनील कुमार के खिलाफ सिर्फ झारखंड ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें वसूली, धमकी, धोखाधड़ी और संगठित अपराध से जुड़े प्रकरण शामिल हैं। उसकी गिरफ्तारी को राज्य पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता
सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह केस इस बात का उदाहरण है कि किस तरह से इंटरनेशनल पुलिस कोऑपरेशन और इंटरपोल के जरिए भारत लगातार अपने फरार अपराधियों को पकड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सुनील कुमार का प्रत्यर्पण झारखंड पुलिस और सीबीआई के संयुक्त समन्वय का नतीजा है। सुनील कुमार की गिरफ्तारी को अमन साहू गैंग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह ने कोयला खदानों और ठेकेदारों के बीच खौफ का माहौल बना रखा था। सुनील की गिरफ्तारी के बाद अब गैंग की कमर टूटेगी और उसके नेटवर्क की जानकारी भी पुलिस को मिल सकेगी।
लगातार चल रही है कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ सालों में भारत सरकार और सीबीआई ने मिलकर विदेश भागे 100 से ज्यादा अपराधियों को भारत वापस लाने में सफलता पाई है। इनमें कई बड़े कारोबारी, आर्थिक अपराधी और संगठित अपराध से जुड़े लोग शामिल हैं। फिलहाल झारखंड पुलिस ने आरोपी को अपनी कस्टडी में ले लिया है। उससे पूछताछ की जाएगी ताकि गैंग के अन्य सदस्यों और उसके नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से न केवल वसूली और धमकी की घटनाओं पर रोक लगेगी बल्कि गैंग के विदेशी कनेक्शन का भी पर्दाफाश होगा।
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